गुलज़ार साहब की शायरी अपने आप में एक जादू है। जब बात मोहब्बत की होती है, तो उनके अल्फ़ाज़ सीधे दिल में उतर जाते हैं। Gulzar Shayari Love में प्यार का हर रंग देखने को मिलता है — चाहत, इंतज़ार, जुदाई और दिल की बातों को बयां करने का उनका अंदाज़ सबसे अलग होता है। उनकी शायरी में वो सादगी है जो सीधे दिल को छू जाती है।
बहुत से लोग इंटरनेट पर gulzar love shayari in hindi ढूंढते हैं ताकि अपने जज़्बात को किसी खास के सामने बयां कर सकें। Gulzar Shayari on Love in Hindi ना सिर्फ़ प्यार को दर्शाती है बल्कि रिश्तों की गहराई को भी बहुत ही खूबसूरती से पेश करती है। उनके लिखे अल्फ़ाज़ जैसे “तेरे बिना ज़िंदगी से कोई शिकवा तो नहीं…” आज भी लोगों की ज़ुबां पर हैं।
❤️ *“कोई ख़्वाब पूरा नहीं होता शायद,
कुछ अधूरे ख़्वाब ही मोहब्बत बन जाते हैं।”* – गुलज़ार
Love Shayari by Gulzar हर उस दिल के लिए है जिसने कभी प्यार किया हो। उनकी शायरी में सिर्फ़ अल्फ़ाज़ नहीं होते, वो अहसास होते हैं। चाहे वो gulzar shayari for love हो या shayari on love by gulzar, हर पंक्ति दिल के बेहद करीब लगती है। गुलज़ार साहब की खासियत है कि वो कम शब्दों में बहुत कुछ कह जाते हैं।
अगर आप सच्चे प्यार की झलक पाना चाहते हैं, तो shayari of gulzar on love ज़रूर पढ़ें। उनकी शायरी में मोहब्बत एक एहसास बन जाती है, जो हर बार पढ़ने पर नया लगता है। उनके अल्फ़ाज़ ना सिर्फ़ सुनने वाले को भावुक करते हैं, बल्कि प्यार को और भी ख़ूबसूरत बना देते हैं।
Some Famous Gulzar Shab Shayari on Love:
“तेरे बगैर किसी और को देखा नहीं मैंने,
सूख गया वो तेरा गुलाब लेकिन फेंका नहीं मैंने।”
“मार देना भी कहां की इश्कबाज़ी हुई यार…
ऐ इश्क़, ऐसा क्यों करते रहे हो हमेशा से तुम?”
“आराम दो उन पैरों को भी पल भर के लिए…
हमने बादल से छांव मांगी है, तुम्हें जी भर देखने के लिए।”
“उनके भी ज़ख्म देने का तरीका देखिए…
दोस्ती के नाम पर कुछ और रिश्ता बना लिया।”
“तू हज़ार बार रूठे तो मना लूं तुझे,
मगर देख मोहब्बत में शामिल कोई दूसरा न हो।”
“चांद सितारों वाला इश्क़ नहीं हमें,
पर उनके लिए सारा बचपना जी लेंगे हम।”
“उम्र गुजर गई, पर कोई तुम सा नहीं मिला,
लोग यूं ही कहते हैं कि खोजने से खुदा भी मिलता है!”
“मुझे ज़रूरत नहीं शराब की,
उनकी आंखें इतनी नशीली हैं,
देखकर ही मदहोश हो जाता हूं!”
“मेरी ख़ामोशी में सन्नाटा भी है और शोर भी,
तूने देखा ही नहीं, आंखों में कुछ और भी है।”
“बेशुमार मोहब्बत होगी उस बारिश की बूंद को इस ज़मीन से,
यूं ही नहीं कोई मोहब्बत में इतना गिर जाता है!”
“कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ,
किसी की आंख में हमें भी इंतज़ार दिखे!”
“इस दिल का कहा मानो, एक काम कर दो,
एक बेनाम सी मोहब्बत मेरे नाम कर दो।”
“तुम्हें जो याद करता हूं मैं, दुनिया भूल जाता हूं,
तेरी चाहत में अक्सर संभलना भूल जाता हूं!”
“बड़ी नादानी से पूछा उन्होंने, क्या अच्छा लगता है?
हमने भी धीरे से कह दिया, एक झलक आपकी।”
“जब से तुम्हारे नाम की मिसरी होंठ से लगाई है,
मीठा सा ग़म, मीठी सी तन्हाई है।”
“मैं वो क्यों बनूं जो तुम्हें चाहिए,
तुम्हें वो क़बूल क्यों नहीं, जो मैं हूं?”
“सुनो… जब कभी देख लूं तुमको,
तो मुझे महसूस होता है कि दुनिया खूबसूरत है।”
“दिल के रिश्ते हमेशा किस्मत से ही बनते हैं,
वरना मुलाकात तो रोज़ हज़ारों से होती है।”
“इतने बेवफा नहीं हैं कि तुम्हें भूल जाएंगे,
अक्सर चुप रहने वाले प्यार बहुत करते हैं।”
“तुम्हारा साथ तसल्ली से चाहिए मुझे,
जन्मों की थकान लम्हों में कहां उतरती है?”
“मोहब्बत लिबास नहीं है जो हर रोज़ बदल जाए,
मोहब्बत कफ़न है, जो पहन कर उतारा नहीं जाता।”
“मैंने दबी आवाज़ में पूछा, ‘मोहब्बत करने लगी हो?’
नज़रे झुका कर वो बोली, ‘बहुत।'”
“चांदी उगने लगी है बालों में,
ये उम्र तुम पर हसीन लगती है!”
“अब ये हसरत है कि सीने से लगाकर तुझको,
इस क़दर रोऊं कि आंसू आ जाएं!”
“पूछ कर अपनी निगाहों से बता दे मुझको,
मेरी राहों के मुक़द्दर में सहर है कि नहीं?”
“बहुत मुश्किल से करता हूं, तेरी यादों का कारोबार,
मुनाफा कम है, पर गुज़ारा हो ही जाता है!”
“दिखावे का प्यार अक्सर शोर मचाता है,
जबकि सच्ची मोहब्बत इशारों में बयां हो जाती है।”
“नसीब की बात है, कोई नफरत देकर भी प्यार पाता है,
और कोई बेशुमार मोहब्बत करने के बावजूद अकेला रह जाता है।”
“इंतज़ार तो प्यार में सिर्फ वही कर सकता है,
जिसने प्यार दिल से किया हो, जिस्म से नहीं।”
“तुमसे मिली जो ज़िंदगी, हमने अभी बोई नहीं,
तेरे सिवा कोई न था, तेरे सिवा कोई नहीं!”
“पहले लगता था तुम ही दुनिया हो,
अब लगता है तुम भी दुनिया हो।”
“ऐसा तो कभी हुआ नहीं…
गले भी लगे और छुआ नहीं।”
“ज़रा ठहरो तो नज़र भर देखूं,
ज़मीं पे चांद कहां रोज़-रोज़ उतरता है!”
“आंसू बहाने से कोई अपना नहीं होता,
जो अपना होता है वो रोने ही कहां देता है!”
“एक बार फिर इश्क़ करेंगे हम,
अभी सिर्फ भरोसा उठा है जनाज़ा नहीं!”